चीनी मिलों पर मौजूदा पेराई सत्र का 1.39 अरब बकाया
पडरौना। जनपद की चीनी मिलों पर किसानों का मौजूदा पेराई सत्र में 1.39 अरब रुपये गन्ना मूल्य बकाया है। ढाढ़ा चीनी मिल भुगतान के मामले में इनमें सबसे अच्छी स्थिति में है, जबकि सबसे सुस्त कप्तानगंज की चीनी मिल है। गन्ना विभाग ने भुगतान में विलंब कर रही चीनी मिलों को नोटिस भेजने की तैयारी कर ली है। भुगतान के अलावा बहुत से ऐसे भी किसान हैं, जिन्हें अब तक सप्लाई टिकट ही नहीं मिला है। वे सप्लाई टिकट के लिए केन यूनियन से लगायत गन्ना विभाग के दफ्तर का चक्कर लगा रहे हैं।
जनपद में इन दिनों पांच चीनी मिलें संचालित हो रही हैं। कप्तानगंज चीनी मिल ने छह दिसंबर को पेराई सत्र की शुरुआत की थी, जबकि खड्डा ने 18 नवंबर, रामकोला ने 14, सेवरही ने 28 नवंबर और ढाढ़ा चीनी मिल ने 22 नवंबर को पेराई सत्र की शुरुआत की थी। जनपद की चीनी मिलों ने 20 जनवरी तक कुल 41034.74 लाख रुपये का गन्ना पेरा था। इसमें से 17218.14 लाख रुपये का भुगतान कर दिया है, लेकिन अब भी इन मिलों पर 13916.11 लाख रुपये बाकी है, जो भुगतान का 55.30 प्रतिशत है। जिला गन्ना अधिकारी वेदप्रकाश सिंह ने बताया कि जनपद की चीनी मिलों पर अवशेष गन्ना मूल्य का भुगतान करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। उन्हें जल्द ही नोटिस भेजी जाएगी। जहां तक पर्चियां न मिलने की बात है तो सप्लाई टिकट उनके बेसिक कोटा के आधार पर आवंटित किया गया है। यह कोटा दो साल, तीन साल और पांच साल में गन्ना आपूर्ति के औसत के आधार पर तय किया गया है। उसी के अनुरूप गन्ना किसानों का कैलेंडर तैयार किया गया और पर्ची जारी की जा रही है।
कितना भुगतान अवशेष (धनराशि लाख में)
चीनी मिल का नाम कुल धनराशि अवशेष
खड्डा 2994.32 1452.30
रामकोला 10860.92 2116.44
कप्तानगंज 5325.70 3531.39
सेवरही 8926.69 2763.56
ढाढ़ा 12927.11 4052.42
कुल योग 41034.74 13916.14